Monday, 18 May 2015

नरेन्द्र मोदी की विदेश यात्रायें और उनका महत्व

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की चीन यात्रा के दौरान, भारत और चीन के बीच जिन 63 हजार करोड़ रूपये के 24 कारोबारी समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं तथा विश्वास का जो वातावरण बना है; उसके अलावे भी मोदी जी की चीन यात्रा के पूर्व जो अन्य विदेश यात्रायें हुईं, वे भी काफी लाभप्रद रही हैं. इन दौरों से देश में आएगा कारोबार

- जापान : सितंबर 2014 में मोदी की जापान यात्रा कामयाब रही। जापान बुलेट ट्रेन चलाने में भारत की मदद करेगा। जापान ने डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए 35 अरब डॉलर देने का भी वादा किया।

- अमेरिका : डिफेंस, इंटेलिजेंस, काउंटर टेररिज्म सहित कई करार हुए। मोदी-आेबामा ने वॉशिंगटन पोस्ट में संयुक्त संपादकीय भी लिखा। मोदी का मेडिसन स्क्वेयर में दिया स्पीच सुर्खियों में रहा। अमेरिकी उद्योगपतियों ने भारत में 41 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया।

- ऑस्ट्रेलिया : 28 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में किसी भारतीय पीएम का दौरा हुआ। मोदी यहां जी-20 देश के सम्मेलन में हिस्सा लेने आए थे। ऑस्ट्रेलिया से मेक इन इंडिया पर चर्चा हुई ताकि भारत में ज्यादा निवेश आ सके।

- फ्रांस : फ्रांस में मोदी ने पीएम फांसुआ ओलांद के साथ नाव पर चर्चा की। 36 राफेल विमानों को लेकर सीधे डील हुई जबकि यह सौदा कई सालों से अटका हुआ है। जैतापुर परमाणु संयंत्र के काम में तेजी लाने पर बात हुई। फ्रांस से देश में 2 अरब यूरो का निवेश आएगा।

- जर्मनी : यहां मोदी ने मेक इन इंडिया कैम्पेन का जमकर प्रचार किया। मोदी के साथ कई सीएम और सीईओ भी शामिल हुए।

- कनाडा : कनाडा में 42 साल बाद किसी भारतीय पीएम ने दौरा किया। टोरंटो में मोदी ने मेडिसन स्क्वेयर की तरह भाषण दिया। यूरेनियम आयात के लिए 35 करोड़ डॉलर की डील हुई।
          
दक्षिण एशियाई क्षेत्र में देश का प्रभाव बढ़ाने के लिए मोदी के यहां हुए दौरे

- भूटान : चीन के क्षेत्र में बढ़ते दबदबे के चलते मोदी ने भूटान को अपने पहले दौरे के लिए चुना था। भारत भूटान में सुप्रीम कोर्ट की इमारत और एक हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्लांट बनाएगा।

- नेपाल : मोदी ने दो बार नेपाल का दौरा किया। पहले अगस्त में, फिर नवंबर में। दोनों मौकों पर बिजली परियोजनाओं से जुड़े करार हुए। मोदी ने नेपाल की संविधान सभा को संबोधित किया। यह आश्वासन भी दिया कि भारत कभी नेपाल के अंदरूनी मामलों में दखलंदाजी नहीं करेगा।

- श्रीलंका : 1987 बाद भारत के किसी पीएम के रूप में मोदी ने यहां का दौरा किया। श्रीलंका से चार करार हुए जो निवेश और कारोबार से जुड़े थे।


- म्यामांर, फिजी, मॉरिशस और सिंगापुर : मोदी के ये दौरे भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का हिस्सा थे। मोदी सिंगापुर में ली कुआन यू को श्रद्धांजलि देने गए थे जो आधुनिक सिंगापुर के निर्माता कहलाते हैं।

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